Kuppusaamy on Bill Gates! 😉

Just heard, Bill Gates has resigned as the ‘Chairman of Microsoft’ after receiving a letter from kuppusaamy.
It reads:

Saar,

I have some questions for you…. Please yanswer them:

Namba wan) The keyboard alphabets are not in order, when will you launch the correct version?

Namba too) There is yeh ‘Start’ button… but no ‘Stop’ button… Rascalaa, where it is?

Namba tree) I have already learned Microsoft Word, when are you “laanching” Microsoft Sentence?

Namba for) There is yeh Recycle bin… but…there is nobody coming to collect that bin. Why???

Namba fife) Your name is Bill… But in India they orr selling computers without Bill… Why???

Yand finally yeh personal question: 
Your surname is Gates… But you are selling Windows… Why saar why??
😉 😜 😆

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The Paradox of Our Times..

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The paradox of our time in history is that..

we have taller buildings, but shorter tempers;
wider free-ways, but narrower viewpoints.

We spend more, but have less;
we buy more, but enjoy less.
We have bigger houses and smaller families;
more conveniences, but less time.

We have more degrees, but less sense;
more knowledge, but less judgement;
more experts, yet more problems;
more medicine, but less wellness.

We drink too much,
smoke too much,
spend too recklessly,
laugh too little,
drive too fast,
get angry too quickly,
stay up too late,
get up too tired,
read too little,
watch TV too much,
and pray too seldom.

We have multiplied our possessions, but reduced our values.
We talk too much, love too seldom, and hate too often.
We’ve learned how to make a living, but not a life.
If you added years to life, but not life to years.

We’ve been all the way to the moon and back, but have trouble crossing the street to meet and the new neighbour.
We’ve conquered outer-space, but not inner-space.
We’ve done larger things, but not better things…

We’ve conquered the atom, but not our prejudices.
We write more, but learn less.

(~ By BOB MOOREHEAD)

Lady, How old are You?

My job as Medical professional puts me in a position to go through the personal details of my patients and pose those questions, not asked, out of courtesy, generally.

Of late, I’ve been noticing, no woman patient has come to me who says her age is more than forty – though the physical appearance may be on the contrary – and, some of them are Grannies already! 😉

I wonder how that is possible?
Do they stop growing after that age is reached or it is a deliberate attempt not to accept the fact that we grow old?
And then, the bombardment of commercials about hair-dyes, skin-rejuvenating creams and anti-ageing lotions in media!
If Age is ‘Just’ a number, haven’t We forgotten the ‘Progression’ or ‘Maths’? No one is willing to accept the real age.. and accept ageing gracefully.
What to do?

But, why should I complain?
I think we are definitely a country full of people young at heart!
Oh believe me, I myself am Sixteen for last Thirty years now!!!
;)☺😜

.. To supporters of clemency to terrorists

Watched yesterday’s Newshour show on a certain ‘Now’ channel – not because I’ve suddenly realised the intellectual worth of Your-Knob’s show (I still consider him the biggest noise pollutant on prime time TV)!
It was surprising to see a certain ‘Gandhi’ give him the taste of his own medicine and hold the ‘intelligent’ debate to ransom!

I’ve read a highly-biased book written by this gentleman (i.e., Let’s Kill Gandhi) and, am aware of the views held by him so, it was a no surprise to see this ‘Later Day Saint’ pleading for clemency to a terrorist! What this gentleman was able to dish out throughout the debate was beyond logic and was harbouring in the domain of rhetoric.., dear readers, pure rhetoric!

He was able to prove the fact one can’t become civilized by just having a famous surname or lineage.., one can only fake rationalism through one’s inherited burden of ‘Gandhigiri’!

Tell you guys, most of these ‘Gandhis’ deserve to be dumped in Indian Ocean..!

🌿🌿पत्नियों के प्रिय जुमले 🌿🌿

🌿🌿पत्नियों के प्रिय जुमले 🌿🌿
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यदि आप इनसे वंचित हैं तो यकीन मानिए कि आप बहुत सौभाग्यशाली है।
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🎋शादी के तीन महीने बाद 🎋

क्या कर रहे हैं ? कोई आ जाएगा, थोड़ी बहुत शर्म-वर्म है कि नहीं ?

🎋शादी के चार महीने बाद 🎋

सोने दो, तुम्हारी माँ चाहती है कि सुबह छः बजे मैं मन्दिर में उनके साथ 🔔 घंटियां बजाऊँ।

🎋छह महीने बाद 🎋

मेरे मैके नहीं तो, अपनी ससुराल ही ले चलो।

🎋दस महीने बाद 🎋

एेसी हालत में शर्मा जी अपनी पत्नी का कितना ध्यान रखते हैं, और एक तुम हो की?

🎋बारह महीने बाद 🎋

अपनी माँ की तरह बातें मत करो, लडका हो या लडकी क्या फर्क पड़ता है?

🎋पन्द्रह महीने बाद 🎋

जब तुम दुबले-पतले हो तो गुडिया आठ पॉऊण्ड की कैसे होती, हर बात में मुझे ही दोष देते हो।

🎋अट्ठारह महीने बाद 🎋

हाँ-हाँ सब गुडिया से बहुत प्यार करते हैं, लेकिन चेन, अंगुठी तो मेरे मैके वालों ने ही दी, देख लिया सबका प्यार।

🎋दौ साल बाद 🎋

बिट्टो को बुखार है, और तुम आफिस की फाइलों में सर खफा रहे हो? तुममें अक्ल नाम की कोई चीज है कि नहीं?  

🎋तीन साल बाद 🎋

कॉन्वेंट में ही डालेंगे, नहीं तो अपने बाप की तरह रह जाएगी, और तुम तो इस मामले में नहीं बोलो तो ही अच्छा है।

🎋चार साल बाद 🎋

अब तुम्हारा भी एक परिवार है, कब तक माँ बाबूजी के पल्लू से चिपके रहोगे? बड़े भैया को देखो, कितनी चतुराई से अलग हो गये।

🎋 पांच साल बाद 🎋

नौकरी बदलो, ओवर टाईम करो, डाका डालो, अब हमारे खरचे बढ़ गये हैं, पप्पू के खिलौने तक नहीं खरीद पाती, जबकि पप्पू की डिलिवरी तक मेरे मैके मे हुई है, यह कोई रिवाज है भला?

🎋छह साल बाद 🎋

ये मकान ठीक नहीं है, एक रूम कम पडता है।

🎋सात साल बाद 🎋

बच्चों के चक्कर में मुझे तो बिल्कुल भूल ही गये, पांच साल से एक अंगुठी तक नहीं दिलवाई।

🎋आठ साल बाद 🎋

नासिक वाले इंजिनियर ने कितने कितने चक्कर काटे थे, पर मुझे तो तुम्हारे साथ ही बर्बाद होना था।

🎋 नौ साल बाद 🎋

कोई अहसान नहीं करते हो, जो कमा कर खिलाते हो, सभी खिलाते हैं।

🎋दस साल बाद 🎋

बच्चों के नम्बर नहीं आये तो मैं क्या करूं ? अकेली दोनों को पढाती हूँ। तुम्हारे पास न तो टाइम है, ना इन्हे पढाने की अकल।

🎋ग्यारह साल बाद 🎋

खर्चा कम नहीं होगा, कमाई बढ़ाने की चिन्ता करो, और बाबूजी के पी.एफ. का क्या हुआ? मकान के वक्त तो कुछ दिया नहीं, अब जरा सी हेल्प नहीं कर सकते, या राम, भरत को ही देंगे, राजगद्दी?

🎋बारह साल बाद 🎋

मेरे पापा ने मेरी शादी की जिम्मेदारी ली थी, तुम्हारी बहन, भतीजियों की नहीं, शादियों में इतना वक्त दे रहे हैं, यह कम है क्या?

🎋तेरह साल बाद 🎋

ट्रान्सफर हो गया है तो मैं क्या करूं? मैं अपने बच्चों के साथ कहीं नही जाने वाली।

🎋चौदह साल बाद 🎋

क्या खाक मजा आया, बच्चे तो बोर हो गये, तुममें स्टेशन ढूंढने की भी तमीज नहीं है, और होटल भी क्या था.., धर्मशाला जैसा।

🎋पन्द्रह साल बाद 🎋

लौट आये ना? पहले ही कोशिश करते तो ट्रान्सफर होता ही नहीं, लेकिन तुममें इतनी स्मार्टनेस कहाँ है?

🎋सोलह साल बाद 🎋

बच्चे बड़े हो गये हैं, उनसे ढंग से बात किया करो, ये मेरा घर है, तुम्हारा दो टके का आफिस नहीं।

🎋सत्रह साल बाद 🎋

बच्चे घूमने चले गये तो कौन-सा पहाड टूट गया, सब जाते हैं। तुम्हारे भरोसे तो केवल सब्जीमंडी देख सकते हैं.., बात करते हो।

🎋अट्ठारह साल बाद 🎋

डाक्टर ने आराम करने को कहा है, पर मेरी जान तो घर का काम करते – करते ही निकल जायेगी।

🎋उन्नीस साल बाद 🎋

हो जाता है इस उम्र में, बिट्टो को समझा दिया है, अब वो देर रात तक बाहर नहीं रहेगी, पर तुम शुरू मत हो जाना।

🎋बीस साल बाद 🎋

मोटर साइकिल चलाएगा तो गिरेगा ही, पहले ही कहा था, कार दिला दो, तब तो बजट का रोना रो रहे थे।

🎋इक्कीस साल बाद 🎋

डायबिटीज हो गयी है तो मै क्या करूं ? जुबान पर तो लगाम है नहीं, तीन-तीन बार मीठा ठूंसते रहते हो, दवा लो ।

🎋बाइस साल बाद 🎋

ये गीता भाभी का इतना ध्यान क्यों रखते हो? इस उम्र में नाक कटवाओगे क्या?

🎋तेईस साल बाद 🎋

अपने भाईयों के साथ बिजनेस नहीं करोगे। बस एक नौकरी तो ठीक से होती नहीं.., बिजनेस करेंगे, वो भी शातिरों के साथ।

🎋चौबीस साल बाद 🎋

हाँ-हाँ, तो अपने बूते पर ही की है, अपनी बिट्टो की शादी, तुम्हारे परिवारवाले तो मेहमान बन कर आये थे, मेरा भाई नहीं आता तो लडकी की डोली तक नहीं उठती।

🎋पच्चीस साल बाद 🎋

रहने दो, काहे की सिल्वर जुबली, मेरा तो जिगर और फिगर दोनो खराब करके रख दिया तुमने। अच्छा मना लो, पर ज्यादा पटर-पटर मत करना और सब से गिफ्ट भी लेना, हमने भी पचासों जगह बांटी है।

🎋छब्बीस साल बाद 🎋

पढी – लिखी बहू है तो अपने ढंग से रहेगी ही, कानपुर वाली तो तुम बाप-बेटे को जमीं नहीं, अब भुगतो।

🎋सत्ताईस साल बाद 🎋

ससुर-नाना हो गये हो, ये फटे पाजामें में हाल में मत आया करो, मुझे शर्म आती है।

🎋अट्ठाईस साल बाद 🎋

तुम्हे जाना है तो जाओ, मै कहीं नहीं जाऊँगी, पोते को कौन सम्भालेगा? बहू में अक्ल है क्या?

🎋उन्तीस साल बाद 🎋

कोई मन्दिर-वन्दिर नहीं, तीस साल हो गये घंटियाँ बजाते, क्या दिया भगवान् ने, तंगी में ही जी रहे हैं न। 

🎋तीस साल बाद 🎋

देख लो, बीमारी में मैं ही काम आ रही है, बडा दम भरते थे भाई-भाभी का, कोई झांकने तक नहीं आया, चिल्लाओ मत, अभी खांसी शुरू हो जायेगी।

🎋इकत्तीस साल बाद 🎋

आपरेशन से पहले वी.आर एस ले लो, क्या पता बाद में नौकरी करने लायक रहो ना रहो?

🎋बत्तीस साल बाद 🎋

सुबह से हल्ला मत मचाया करो, पचास काम होते हैं घर में, मै तुम्हारी तरह रिटायर नहीं हूं, सुबह से शाम तक सबके लिये खटती हूँ।

🎋तैंतीस साल बाद 🎋

भैया आप तो इन्हें ले जाओ, सुबह से शाम तक सबका जीना हराम कर रखा है, परेशान हो गये हैं, क्या मुसीबत है?

🎋चौंतीस साल बाद 🎋

पप्पू, सारे पेपर अपने नाम करवाले बेटा, अब तेरे पापा का कोई भरोसा नहीं, तबीयत सम्भल भी गयी तो दिमाग की क्या गारंटी है?

🎋पैंतीस साल बाद 🎋

क्या कर रहे हो? कोई आ जाएगा। थोडी शर्म-वर्म है कि नहीं?

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अंत में..  पतियों के लिए..
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🌼जिस किसी भी पडाव में है, भुगतते रहे, कुढते रहे।
नमस्कार..! ;)😝😂

अर्थ का अनर्थ

कई दुकानदार अखबारों को काट कर लिफाफे बना लेते हैं…

पर कई दफा जोड़ लगाते समय दो अखबारों की खबरें इस तरह जुड़ जाती हैं कि उनके मतलब कुछ के कुछ और ही बन जाते हैं!

कुछ नमूनें देखें:

1. अमरीका के राष्ट्रपति….कानपुर के पास चोरी की भैंसों समेत गिरफ्तार!

2. अमरीकी फौजों द्वारा इराक की जेलों में….चमेली बाई के साथ भंगड़े की क्लासें 23 जुलाई से शुरू!

3. अफगानिस्तान की जेलों में छिपे लादिन को….पंजाब सरकार की ओर से बुढ़ापा पैन्शन देने का एलान!

3. मुख्यमंत्री के घर पर….भैंस ने छ: टाँगों वाले  बच्चे को जन्म दिया!

4. अपने हरमन प्यारे नेता को वोट डालकर….मर्दाना ताकत हासिल करें!

5. अटल बिहारी वाजपाई ने ज़ोर देकर कहा….एक सुन्दर और सुशील कन्या की ज़रूरत!

6. तिहाड़ जेल से छ: कैदी फरार….भारत को ओलंपिक्स में सोने के तमगे की उम्मीद!

7. क्या आपकी नज़र कमज़ोर है? आज ही आऐं….ठेका देशी शराब!

8. बेऔलाद दंपत्ति निराश न हों….7 तारीख को आ रहे हैं लालू प्रसाद आपके शहर में!!!
;)😆😜

The Bengaluru School Teacher Whose YouTube School Has Got 68,000 Students

She wanted to do PhD, but because of the untimely death of her father and lack of financial support, she had to join an MNC in Bengaluru. But Roshni Mukherjee always liked teaching kids. And when she came to know from her maid that her kids feared going to their school in Tamil Nadu because of exam fear, it struck to her to start a school on YouTube that kids could access from anywhere in the world. This prompted her to launch a web-portal http://www.examfear.com and post videos for students of class 11 and 12. 

The strength of her subscribers on YouTube grew steadily and it soon crossed 50,000. She expanded the range of her videos to cater for students of class 10 and 11 also. Now, more than 3700 videos later, the number of subscribers to her channel crosses more than 68,000. 

Her videos include topics on various subjects taught on CBSE curriculum but she often takes recourse to ICSC books if she feels having missed on something. 

She has in the meantime left the job with the MNC as she started to get some income from a YouTube channel due to Google ads.Now Roshni wants to take your videos to the remotest part of India by converting her videos into regional languages like Tamil, Bangla & Telugu etc.

 This article is taken from The Economic Times – Bengaluru edition.

(http://economictimes.indiatimes.com/magazines/panache/this-bengaluru-teachers-youtube-school-has-68k-students/articleshow/48021095.cms)