इक और कहानी

वकील – माई लार्ड, कानून की किताब के पेज नंबर पंद्रह के मुताबिक मेरे मुवक्किल को बा-इज्जत बरी किया जाए।
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जज – किताब पेश की जाए।
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किताब पेश की गई, जज ने पेज नंबर पंद्रह खोला तो उसमें हजार-हजार के पांच नोट थें।
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जज मुस्कुराते हुए – बहुत खूब ..,  ऐसे दो सबूत और पेश करें..!
😉😜😆

सुनो कहानी

एक बार एक बादशाह ने खुशी में सब कैदी रिहा कर दिये।

उन कैदियों में बादशाह ने एक कैदी को देखा जो इन्तेहाई बुजुर्ग था।
बादशाह : तुम कब से कैद हो…..????
बुजुर्ग : आप के अब्बा के दौर से।
यह सुनकर बादशाह की आंखों में आंसू आ गये और कहा..
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इसको दोबारा कैद करो ये अब्बा की निशानी है।
😉😜😆

मॉरल ऑफ द स्टोरी:
चरिया.., ज्यादा सेंटी होके मॉरल-वॉरल मांगने का नई रे.., इतने पैसे में इतना-इच मिलता..! 😉